Tuesday, December 09, 2025

बहता जल, हिमानी, पवन और समुद्री तरंगें

 अध्याय 4 – बहता जल, हिमानी, पवन और समुद्री तरंगें 

1. परिचय : पृथ्वी की गतिशील और भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ

पृथ्वी की सतह हमेशा परिवर्तनशील है। इसके पीछे दो प्रकार की भू-वैज्ञानिक शक्तियाँ कार्य करती हैं:

(1) अंतर्जात प्रक्रियाएँ

  • ये पृथ्वी के अंदर से संचालित होती हैं।

  • उदाहरण: भूकंप, ज्वालामुखी, भ्रंश, पर्वतनिर्माण आदि।

  • ये पहाड़, पठार, नई ऊँचाई वाली सतहें बनाती हैं।

(2) बहिर्जात प्रक्रियाएँ

  • ये पृथ्वी की सतह पर बाहर से कार्य करती हैं।

  • मुख्य कारक:

    • बहता जल

    • हिमानी

    • पवन

    • समुद्री तरंगें

  • ये मौजूदा सतहों को काटकर नई आकृतियाँ बनाती हैं।

  • तीन प्रमुख क्रियाएँ होती हैं:

    1. अपक्षय (Erosion)

    2. परिवहन (Transportation)

    3. निक्षेपण (Deposition)

2. बहता जल (Running Water) – नदी की भूमिका

नदियाँ पृथ्वी की सतह को आकार देने में सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं।

2.1 नदी के कार्यों के प्रकार

(1) अपक्षय (Erosion)

नदी द्वारा नीचे और किनारों से मिट्टी व चट्टान को काटना।
अपक्षय की विधियाँ:

  • जल-क्षरण (Hydraulic action)

  • अपघर्षण (Abrasion)

  • प्रक्षालन (Attrition)

  • घुलन (Solution)

(2) परिवहन (Transportation)

नदी द्वारा सामग्री को ले जाना – कंकड़, रेत, गाद आदि।

(3) निक्षेपण (Deposition)

जहाँ नदी की गति कम होती है, वहाँ सामग्री जमा हो जाती है।

2.2 नदी का मार्ग (Course of a River)

नदी का जीवन तीन भागों में विभाजित है:

(A) ऊपरी भाग / युवा अवस्था (Upper Course)

विशेषताएँ:

  • तीव्र ढलान

  • पानी का वेग बहुत तेज

  • तीव्र अपक्षय (वर्टिकल कटाव)

निर्मित स्थलाकृतियाँ:

  1. V आकार की घाटी

  2. गॉर्ज (Gorge) / कण्ठ (Canyon)

  3. झरने (Waterfalls)

  4. रैपिड्स (Rapids)

  5. पॉट होल्स (गड्ढे)

(B) मध्य भाग / प्रौढ़ावस्था (Middle Course)

विशेषताएँ:

  • ढलान मध्यम

  • अपक्षय कम → परिवहन अधिक

  • नदी चौड़ी होती जाती है

स्थलाकृतियाँ:

  1. मेन्डर (Meanders) – सांप जैसे घुमाव

  2. कट-बैंड (Cut-off)

  3. ऑक्स-बो झील

  4. अपवाह समतल (Flood plain)

(C) निचला भाग / वृद्ध अवस्था (Lower Course)

विशेषताएँ:

  • ढलान बहुत कम

  • वेग कम → निक्षेपण अधिक

स्थलाकृतियाँ:

  1. डेल्टा

  2. वितरिकाएँ (Distributaries)

  3. बाढ़ मैदान

  4. रिलेक्ट लेक/ऑक्स-बो झील

3. हिमानी (Glaciers)

हिमानी क्या है?

बर्फ का विशाल द्रव्यमान, जो अपने ही भार से धीरे-धीरे नीचे की ओर सरकता है। यह ठंडे पर्वतीय क्षेत्रों में बनता है।

3.1 हिमानी के कार्य

(1) हिमानी अपक्षय

  • प्लकिंग

  • अपघर्षण

(2) परिवहन

बर्फ के साथ चट्टानें, मिट्टी नीचे की ओर ले जाई जाती हैं।

(3) निक्षेपण

बर्फ पिघलने पर जमा होती हैं।

 3.2 हिमानी द्वारा निर्मित आकृतियाँ

अपक्षय से बनी आकृतियाँ

  1. सर्क (Cirque) – कटोरे जैसी आकृति

  2. अरैट (Arête) – तीखी धार

  3. हॉर्न (Horn) – शिखर

  4. यू-आकार की घाटी (U-shaped valley)

  5. हैंगिंग वैली

निक्षेपण से बनी आकृतियाँ

  1. मोरेन (Moraines)

    • लेटरल

    • मेडियल

    • टर्मिनल

  2. ड्रमलिन

  3. एस्कर

  4. आउटवॉश प्लेन

4. पवन (Wind)

रेगिस्तानी व शुष्क क्षेत्रों में पवन मुख्य कार्यकर्ता है।

4.1 पवन के कार्य

(1) अपक्षय

  • डीफ्लेशन (उड़ाना)

  • अपघर्षण (घिसना)

(2) परिवहन

रेत, धूल को ले जाना

(3) निक्षेपण

गति कम होने पर रेत जमती है।

4.2 पवन द्वारा निर्मित आकृतियाँ

अपक्षयी आकृतियाँ

  1. मशरूम रॉक

  2. यार्डैंग (लंबी काटी हुई चट्टानें)

  3. डीफ्लेशन होलो

  4. इनसेलबर्ग

निक्षेपण से बनी आकृतियाँ

  1. बालू के टीले (Dunes)

    • बारखन

    • अनुदैर्ध्य

    • ट्रांसवर्स

  2. लोएस (सूक्ष्म धूल की जमावट)

5. समुद्री तरंगें (Sea Waves)

समुद्री लहरें तट को काटती, सामग्री ले जाती और जमा करती हैं।

5.1 समुद्री तरंगों के कार्य

(1) अपक्षय

  • हाइड्रोलिक एक्शन

  • अपघर्षण

(2) परिवहन

  • जल से तटीय सामग्री ले जाना

(3) निक्षेपण

  • लहरों की गति कम होने पर निक्षेपण

5.2 समुद्री तरंगों द्वारा निर्मित आकृतियाँ

अपक्षय से बनी आकृतियाँ

  1. समुद्री चट्टान (Cliff)

  2. समुद्री गुफा (Cave)

  3. समुद्री मेहराब (Arch)

  4. समुद्री स्तंभ (Stacks)

निक्षेपण से बनी आकृतियाँ

  1. समुद्री तट (Beach)

  2. स्पिट

  3. बार (Bar)

  4. लैगून

  5. बैरियर बीच

अध्याय के MOST IMPORTANT POINTS (Exam Focus)

  • नदी का कार्य = अपक्षय + परिवहन + निक्षेपण

  • तीन नदी अवस्थाएँ = युवा → प्रौढ़ → वृद्ध

  • हिमानी = बर्फ का द्रव्यमान

  • पवन = रेगिस्तान में प्रमुख

  • समुद्री तरंगें = तटों को आकार देती हैं

  • महत्वपूर्ण आकृतियाँ अवश्य लिखें (सर्क, मेन्डर, टीले, आर्च आदि)

A. Very Short Questions (1–2 Marks)

1. अपक्षय (Erosion) क्या है?

अपक्षय वह प्रक्रिया है जिसमें प्राकृतिक कारकों द्वारा चट्टानों और मिट्टी को काटा, घिसा या हटाया जाता है।

2. निक्षेपण (Deposition) क्या है?

जब नदी, पवन, हिमानी या समुद्री तरंगें अपनी सामग्री को एक स्थान पर जमा कर देती हैं तो इसे निक्षेपण कहते हैं।

3. मेन्डर (Meander) क्या है?

नदी का सांप जैसी घुमावदार प्रवाह को मेन्डर कहते हैं।

4. हिमानी (Glacier) क्या है?

बर्फ का बड़ा द्रव्यमान जो धीरे-धीरे नीचे की ओर बहता है, हिमानी कहलाता है।

5. समुद्री तरंगों द्वारा बनी दो आकृतियाँ लिखिए।

  • समुद्री गुफा

  • समुद्री स्तंभ (Stacks)

6. दो अपक्षयी आकृतियाँ लिखिए जो पवन बनाती है।

  • मशरूम रॉक

  • यार्डैंग

B. Short Answer Questions (3–4 Marks)

1. नदी द्वारा अपक्षय कैसे होता है?

नदी तीन मुख्य तरीकों से अपक्षय करती है:

  1. हाइड्रोलिक एक्शन – नदी का तेज बहाव चट्टानों को तोड़ देता है।

  2. अपघर्षण – नदी के साथ चलने वाली रेत व कंकड़ चट्टानों को घिसते हैं।

  3. घुलन – चूना पत्थर जैसी चट्टानें पानी में घुल जाती हैं।

2. हिमानी द्वारा निर्मित ‘यू-आकार की घाटी’ का वर्णन कीजिए।

हिमानी अपने भार के कारण नीचे की ओर बहते हुए घाटी को चौड़ा और गहरा करती है।

  • नीचे का भाग समतल और चौड़ा

  • किनारे खड़े और ढलान वाले
    इसका आकार अंग्रेजी के U अक्षर जैसा होता है।

3. पवन द्वारा बनने वाले ‘बालू के टीले’ क्या होते हैं?

शुष्क क्षेत्रों में पवन रेत के कणों को उड़ाकर ले जाती है और जब गति कम होती है तो रेत जमकर ऊँचे ढेर बना लेती है। इन्हें बालू के टीले (Dunes) कहते हैं।
मुख्य प्रकार:

  • बारखन टीला

  • अनुदैर्ध्य टीला

  • ट्रांसवर्स टीला

4. समुद्री तरंगों द्वारा ‘समुद्री मेहराब’ कैसे बनती है?

  1. समुद्री लहरें तट की चट्टानों को काटकर समुद्री गुफा बनाती हैं।

  2. गुफाएं धीरे-धीरे बड़ी होती जाती हैं।

  3. दो गुफाएँ मिलकर एक मेहराब (Arch) का निर्माण करती हैं।

5. नदी की तीन अवस्थाएँ लिखिए।

  • ऊपरी भाग (युवा अवस्था) – तीव्र ढलान, V-आकार घाटी

  • मध्य भाग (प्रौढ़ावस्था) – मेन्डर, विस्तृत नदी

  • निचला भाग (वृद्धावस्था) – डेल्टा, बाढ़ मैदान

C. Long Answer Questions 

1. नदी के कार्यों का विस्तार से वर्णन कीजिए। (Most Important)

नदी पृथ्वी की सतह को तीन मुख्य तरीकों से बदलती है:

(A) अपक्षय (Erosion)

नदी की गति अधिक होने पर वह नीचे तथा किनारों को काटती है।
अपक्षय की विधियाँ:

  • हाइड्रोलिक क्रिया – तेज बहाव से टूट-फूट

  • अपघर्षण – कंकड़-पत्थर से घिसाई

  • प्रक्षालन – टकराकर टूटना

  • घुलन – पानी में घुलना

(B) परिवहन (Transportation)

नदी अपनी ताकत से रेत, कंकड़, मिट्टी आदि को साथ बहाकर ले जाती है।

(C) निक्षेपण (Deposition)

जहाँ बहाव धीमा होता है, नदी सामग्री को जमा करती है।
निक्षेपण से बनती हैं:

  • बाढ़ मैदान

  • डेल्टा

  • वितरिकाएँ

  • ऑक्स-बो झील

2. हिमानी के कार्यों और हिमानी द्वारा निर्मित आकृतियों को समझाइए। (Very Important)

हिमानी ठंडे पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाती हैं और अपने भार से नीचे की ओर बहती हैं।

A. हिमानी के कार्य

1. अपक्षय

  • प्लकिंग: हिमानी चट्टानों के टुकड़ों को खींचकर उठा ले जाती है।

  • अपघर्षण: चट्टानें एक-दूसरे से घिसती हैं।

2. परिवहन

हिमानी अपने मार्ग में चट्टानें, मिट्टी, बोल्डर इत्यादि को साथ ले जाती है।

3. निक्षेपण

बर्फ पिघलने पर सामग्री जमा हो जाती है।

B. हिमानी द्वारा निर्मित आकृतियाँ

अपक्षय से बनी आकृतियाँ

  • सर्क – कटोरे जैसी आकृति

  • अरैट – तीखी धार

  • हॉर्न – शिखर

  • यू-आकार की घाटी

  • हैंगिंग वैली

निक्षेपण से बनी आकृतियाँ

  • मोरेन – टर्मिनल, लेटरल, मेडियल

  • ड्रमलिन

  • एस्कर

  • आउटवॉश प्लेन

3. पवन द्वारा उत्पन्न स्थलाकृतियों का वर्णन कीजिए।

A. अपक्षय द्वारा बनी आकृतियाँ

  1. मशरूम रॉक – नीचे से ज्यादा कटाव होकर मशरूम जैसी

  2. यार्डैंग – लंबी, धँसी हुई चट्टानें

  3. डीफ्लेशन होलो – गड्ढे

  4. इनसेलबर्ग – एकाकी चट्टानी पहाड़ी

B. निक्षेपण से बनी आकृतियाँ

  1. बालू के टीले (Dunes)

  2. बारखन टीला

  3. लोएस – बारीक धूल की जमावट

4. समुद्री तरंगों द्वारा निर्मित स्थलाकृतियों का वर्णन करें।

A. अपक्षय से बनी आकृतियाँ

  1. समुद्री चट्टान (Cliff)

  2. समुद्री गुफा (Cave)

  3. समुद्री मेहराब (Arch)

  4. समुद्री स्तंभ (Stacks)

B. निक्षेपण से बनी आकृतियाँ

  1. समुद्री तट (Beach)

  2. स्पिट

  3. लैगून

  4. बार एवं बैरियर बीच

5. नदी के तीन चरणों का तुलनात्मक अध्ययन लिखिए। (Exam Favourite)

चरण ढलान वेग मुख्य कार्य स्थलाकृतियाँ
ऊपरी (युवा) अधिक तेज अपक्षय V-घाटी, गॉर्ज, झरने
मध्य (प्रौढ़) मध्यम मध्यम परिवहन मेन्डर, ऑक्स-बो, बाढ़ मैदान
निचला (वृद्ध) कम धीमा निक्षेपण डेल्टा, वितरिकाएँ


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