Friday, January 16, 2026

दिल्ली सल्तनत की स्थापना और विस्तार


दिल्ली सल्तनत की स्थापना और विस्तार

(1206 ई. – 1526 ई.)

1. दिल्ली सल्तनत : अर्थ और परिभाषा

दिल्ली सल्तनत से तात्पर्य उस शासन व्यवस्था से है जिसमें तुर्क एवं अफगान सुल्तानों ने दिल्ली को राजधानी बनाकर भारत के विशाल भू-भाग पर शासन किया। यह शासन लगभग तीन शताब्दियों (300 वर्ष) तक चला।

2. भारत में मुस्लिम सत्ता की पृष्ठभूमि

(A) अरब आक्रमण (8वीं शताब्दी)

मुहम्मद बिन कासिम (712 ई.)

  • खलीफा अल-वलीद के सेनापति

  • सिंध के राजा दाहिर को पराजित किया

  • उद्देश्य:

    • इस्लाम का प्रचार

    • व्यापारिक हितों की रक्षा

  • महत्व:

    • भारत में इस्लामी शासन की प्रथम नींव

    • सिंध में प्रशासनिक सुधार

(B) तुर्क आक्रमण

(i) महमूद गजनवी (998–1030 ई.)

  • भारत पर 17 बार आक्रमण

  • उद्देश्य:

    • मंदिरों की संपत्ति लूटना

    • धार्मिक कट्टरता

  • प्रमुख आक्रमण:

    • मथुरा, कन्नौज, सोमनाथ

  • महत्व:

    • भारत की कमजोरी उजागर की

    • स्थायी शासन स्थापित नहीं किया

(ii) मुहम्मद गौरी (1175–1206 ई.)

  • वास्तविक संस्थापक

  • उद्देश्य:

    • भारत में स्थायी तुर्की शासन

  • प्रमुख युद्ध:

    • तराइन का प्रथम युद्ध (1191 ई.)

      • पृथ्वीराज चौहान की विजय

    • तराइन का द्वितीय युद्ध (1192 ई.)

      • पृथ्वीराज की पराजय

  • परिणाम:

    • अजमेर, दिल्ली पर अधिकार

    • अपने दास सेनापतियों को शासन सौंपा

3. दिल्ली सल्तनत की स्थापना (1206 ई.)

  • मुहम्मद गौरी की मृत्यु (1206 ई.) के बाद

  • उसके दास कुतुबुद्दीन ऐबक ने स्वतंत्र सुल्तान घोषित किया

  • राजधानी – दिल्ली

  • यही दिल्ली सल्तनत का आरंभ माना जाता है

4. दिल्ली सल्तनत के वंश (Dynasties)

(A) गुलाम वंश (1206–1290 ई.)

1. कुतुबुद्दीन ऐबक (1206–1210)

  • उपाधि: लाख बख्श

  • कार्य:

    • कुतुब मीनार का निर्माण प्रारंभ

    • कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद

  • शासन की विशेषता:

    • सैन्य आधार मजबूत किया


2. इल्तुतमिश (1211–1236)

  • वास्तविक संस्थापक

  • उपलब्धियाँ:

    • इक़्ता व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया

    • ‘चालीसा’ (तुर्क अमीरों का समूह)

    • दिल्ली को राजधानी बनाया

    • खलीफा से वैधता प्राप्त

  • महत्व:

    • सल्तनत को संगठित किया

3. रज़िया सुल्तान (1236–1240)

  • भारत की पहली महिला शासक

  • विशेषताएँ:

    • योग्य, साहसी, न्यायप्रिय

  • असफलता के कारण:

    • अमीरों का विरोध

    • स्त्री होने के कारण अस्वीकार

4. बलबन (1266–1287)

  • कठोर शासक

  • नीतियाँ:

    • खून और लोहे की नीति

    • सुल्तान की दैवी सत्ता

  • उपलब्धियाँ:

    • विद्रोहों का दमन

    • मंगोल खतरे से सुरक्षा

(B) खिलजी वंश (1290–1320)

1. जलालुद्दीन खिलजी

  • उदार शासक

  • कमजोर नियंत्रण

2. अलाउद्दीन खिलजी (1296–1316)

दिल्ली सल्तनत का सबसे शक्तिशाली शासक

सुधार:

  1. सैन्य सुधार

    • स्थायी सेना

    • घोड़ों की दाग प्रणाली

  2. बाज़ार नियंत्रण

    • वस्तुओं के दाम तय

    • कालाबाज़ारी पर रोक

  3. राजस्व सुधार

    • भूमि कर में वृद्धि

    • नकद कर व्यवस्था

विस्तार:

  • दक्षिण भारत विजय

  • मंगोल आक्रमणों को विफल किया

(C) तुगलक वंश (1320–1414)

1. गयासुद्दीन तुगलक

  • वंश संस्थापक

  • प्रशासन सुदृढ़

2. मुहम्मद बिन तुगलक

  • अत्यंत बुद्धिमान पर अव्यावहारिक

  • प्रयोग:

    • राजधानी परिवर्तन

    • सांकेतिक मुद्रा

  • परिणाम:

    • जनता असंतुष्ट

    • आर्थिक संकट


L3. फिरोजशाह तुगलक

  • लोककल्याणकारी

  • कार्य:

    • नहर निर्माण

    • शिक्षा संस्थान

    • दास प्रथा का विस्तार

(D) सैय्यद वंश (1414–1451)

  • कमजोर शासन

  • सीमित क्षेत्र


L(E) लोदी वंश (1451–1526)

1. बहलोल लोदी

  • वंश संस्थापक

2. सिकंदर लोदी

  • प्रशासनिक सुधार

  • कृषि विकास

3. इब्राहीम लोदी

  • अयोग्य शासक

  • अमीरों से संघर्ष

  • 1526 – बाबर द्वारा पराजय

5. दिल्ली सल्तनत के पतन के कारण

  1. कमजोर उत्तराधिकारी

  2. आंतरिक विद्रोह

  3. आर्थिक संकट

  4. प्रशासनिक विफलता

  5. बाबर का आक्रमण

6. दिल्ली सल्तनत का ऐतिहासिक महत्व

  • भारत में केंद्रीकृत शासन

  • नई प्रशासनिक प्रणाली

  • स्थापत्य कला का विकास

  • सांस्कृतिक समन्वय

  • 1206 – स्थापना

  • 1296 – अलाउद्दीन खिलजी

  • 1325 – राजधानी परिवर्तन

  • 1526 – दिल्ली सल्तनत का अंत


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