गुप्तवंश तथा उनके उत्तराधिकारी
1️⃣ गुप्तवंश का उदय
गुप्तवंश का उदय तीसरी शताब्दी ईस्वी के अंत में हुआ। इस वंश ने उत्तर भारत में एक सशक्त, संगठित और समृद्ध साम्राज्य की स्थापना की। गुप्त काल को भारतीय इतिहास का “स्वर्ण युग” कहा जाता है क्योंकि इस काल में कला, साहित्य, विज्ञान, प्रशासन और अर्थव्यवस्था में अद्भुत प्रगति हुई।
2️⃣ गुप्तवंश के प्रमुख शासक
(क) श्रीगुप्त
गुप्तवंश का संस्थापक
शासन क्षेत्र: मगध और आसपास का क्षेत्र
उपाधि: महामहाराज
उन्होंने बौद्ध विहार का निर्माण कराया
(ख) घटोत्कच
श्रीगुप्त के पुत्र
शासनकाल में राज्य का विस्तार हुआ
उपाधि: महाराज
(ग) चंद्रगुप्त प्रथम (लगभग 320 ई.)
गुप्त संवत की शुरुआत 320 ई.
लिच्छवि राजकुमारी कुमारदेवी से विवाह
इस विवाह से राजनीतिक शक्ति बढ़ी
उपाधि: महाराजाधिराज
शासन क्षेत्र: मगध, प्रयाग
(घ) समुद्रगुप्त (भारत का नेपोलियन)
चंद्रगुप्त प्रथम का पुत्र
इतिहासकार वी. ए. स्मिथ ने इन्हें भारत का नेपोलियन कहा
उनकी उपलब्धियों का वर्णन इलाहाबाद स्तंभ लेख में मिलता है
समुद्रगुप्त की विजय नीति
आर्यावर्त के राज्य – पराजित कर अपने अधीन
दक्षिणापथ के राज्य – अधीन कर वापस शासन दिया
सीमावर्ती राज्य – कर और अधीनता स्वीकार
अन्य उपलब्धियाँ
महान योद्धा
कवि और संगीत प्रेमी
अश्वमेध यज्ञ किया
वैष्णव धर्म का अनुयायी, परंतु धार्मिक सहिष्णुता
(ङ) चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
समुद्रगुप्त का पुत्र
शासनकाल: गुप्त साम्राज्य का स्वर्ण युग
शक क्षत्रपों को पराजित किया
राजधानी: पाटलिपुत्र और उज्जैन
विशेषताएँ
नौ रत्नों का संरक्षण
प्रसिद्ध चीनी यात्री फाह्यान भारत आया
व्यापार, कला, साहित्य का उत्कर्ष
(च) कुमारगुप्त प्रथम
चंद्रगुप्त द्वितीय का पुत्र
नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना
हूण आक्रमणों का सामना
(छ) स्कंदगुप्त
अंतिम शक्तिशाली गुप्त शासक
हूणों को पराजित किया
इसके बाद गुप्त साम्राज्य कमजोर होने लगा
3️⃣ गुप्त प्रशासन व्यवस्था
(क) केन्द्रीय प्रशासन
राजा सर्वोच्च सत्ता
मंत्रिपरिषद सहायता करती थी
राजा को दैवी अधिकार प्राप्त माने जाते थे
(ख) प्रांतीय प्रशासन
साम्राज्य को भुक्ति में बाँटा गया
भुक्ति का प्रमुख: उपरिक
जिला: विषय
ग्राम प्रशासन: ग्राम सभा
4️⃣ गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था
कृषि मुख्य आधार
भूमिदान प्रथा का विकास
स्वर्ण मुद्रा (दीनार) का प्रचलन
व्यापार: रेशम, मसाले, हाथीदांत
आंतरिक और विदेशी व्यापार विकसित
5️⃣ सामाजिक जीवन
वर्ण व्यवस्था प्रचलित
स्त्रियों की स्थिति मध्यम
शिक्षा का प्रसार
संयुक्त परिवार व्यवस्था
सती प्रथा के प्रारंभिक प्रमाण
6️⃣ धर्म
वैष्णव धर्म का प्रसार
शिव और विष्णु पूजा
बौद्ध और जैन धर्म को संरक्षण
धार्मिक सहिष्णुता
7️⃣ कला एवं स्थापत्य
(क) मूर्तिकला
बुद्ध और विष्णु की मूर्तियाँ
मथुरा और सारनाथ शैली
(ख) स्थापत्य
दशावतार मंदिर (देवगढ़)
गुफा मंदिर
स्तंभ और विहार
8️⃣ साहित्य और शिक्षा
कालिदास – अभिज्ञानशाकुंतलम्, मेघदूत
विशाखदत्त – मुद्राराक्षस
आर्यभट्ट – गणित और खगोलशास्त्र
वराहमिहिर
नालंदा विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र
9️⃣ विज्ञान और गणित
शून्य की खोज
दशमलव प्रणाली
पृथ्वी के घूमने का सिद्धांत
आर्यभट्ट का योगदान
🔟 गुप्तवंश के पतन के कारण
हूण आक्रमण
कमजोर उत्तराधिकारी
आर्थिक कमजोरी
सामंतवाद का उदय
प्रशासनिक शिथिलता
🔟 गुप्तवंश के उत्तराधिकारी
गुप्तों के पतन के बाद भारत में कई छोटे राज्य उभरे।
प्रमुख उत्तराधिकारी वंश:
हूण
मौखरि वंश
पुष्यभूति वंश (हर्षवर्धन)
हर्षवर्धन (606–647 ई.)
राजधानी: कन्नौज
धार्मिक सहिष्णु शासक
बौद्ध धर्म का संरक्षण
चीनी यात्री ह्वेनसांग आया
नालंदा को दान
अंतिम महान प्राचीन भारतीय शासक
निष्कर्ष
गुप्तकाल भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग था। इस काल में प्रशासन, कला, साहित्य, विज्ञान और संस्कृति ने भारतीय सभ्यता को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। गुप्तों के पतन के बाद भी उनकी परंपराएँ आगे के शासकों द्वारा अपनाई गईं।
महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
🔹 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1–2 अंक)
1. गुप्तवंश का संस्थापक कौन था?
उत्तर: गुप्तवंश का संस्थापक श्रीगुप्त था।
2. गुप्त संवत की शुरुआत किसने की?
उत्तर: गुप्त संवत की शुरुआत चंद्रगुप्त प्रथम ने 320 ई. में की।
3. समुद्रगुप्त को भारत का नेपोलियन क्यों कहा जाता है?
उत्तर: समुद्रगुप्त की व्यापक और सफल सैन्य विजयों के कारण इतिहासकार वी. ए. स्मिथ ने उन्हें भारत का नेपोलियन कहा।
4. इलाहाबाद स्तंभ लेख किससे संबंधित है?
उत्तर: इलाहाबाद स्तंभ लेख समुद्रगुप्त की उपलब्धियों से संबंधित है।
5. नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना किसने की?
उत्तर: नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना कुमारगुप्त प्रथम ने की।
🔹 लघु उत्तरीय प्रश्न (3–4 अंक)
6. चंद्रगुप्त प्रथम के विवाह का राजनीतिक महत्व बताइए।
उत्तर:
चंद्रगुप्त प्रथम ने लिच्छवि राजकुमारी कुमारदेवी से विवाह किया। इससे गुप्तवंश की राजनीतिक शक्ति बढ़ी और मगध व प्रयाग क्षेत्र पर उसका प्रभाव मजबूत हुआ। इस विवाह ने गुप्त साम्राज्य की नींव को सुदृढ़ किया।
7. समुद्रगुप्त की विजय नीति का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
समुद्रगुप्त की विजय नीति तीन भागों में थी—
आर्यावर्त के शासकों को पराजित कर राज्य में मिलाना
दक्षिण भारत के राज्यों को जीतकर पुनः शासन देना
सीमावर्ती राज्यों से कर और अधीनता स्वीकार कराना
8. गुप्तकालीन प्रशासन की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
राजा सर्वोच्च शासक होता था।
प्रशासन भुक्ति, विषय और ग्राम में विभाजित था।
9. गुप्तकाल को स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
गुप्तकाल में कला, साहित्य, विज्ञान, प्रशासन और अर्थव्यवस्था का अत्यधिक विकास हुआ। शांति, समृद्धि और सांस्कृतिक उत्कर्ष के कारण इसे स्वर्ण युग कहा जाता ह
10. चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) की उपलब्धियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
चंद्रगुप्त द्वितीय गुप्तवंश का महान शासक था। उसने शक क्षत्रपों को पराजित किया और साम्राज्य का विस्तार किया। उसके दरबार में कालिदास जैसे विद्वान थे। उसके शासनकाल में व्यापार, कला और साहित्य का उत्कर्ष हुआ। इसी समय चीनी यात्री फाह्यान भारत आया।
11. गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गुप्तकाल की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित थी। भूमि राजस्व राज्य की मुख्य आय थी। स्वर्ण मुद्राओं (दीनार) का प्रचलन था। आंतरिक एवं विदेशी व्यापार विकसित था। भूमिदान प्रथा का भी प्रचलन शुरू हुआ।
12. गुप्तकालीन समाज की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
गुप्तकाल में वर्ण व्यवस्था प्रचलित थी। संयुक्त परिवार व्यवस्था थी। स्त्रियों की स्थिति सामान्य थी, पर शिक्षा सीमित थी। धार्मिक सहिष्णुता समाज की प्रमुख विशेषता थी।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
13. गुप्तकालीन कला एवं स्थापत्य का विस्तृत वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गुप्तकाल में कला और स्थापत्य का अत्यधिक विकास हुआ। मूर्तिकला में बुद्ध, विष्णु और शिव की सुंदर प्रतिमाएँ बनीं। सारनाथ और मथुरा शैली प्रसिद्ध थीं। स्थापत्य में देवगढ़ का दशावतार मंदिर उल्लेखनीय है। गुफा मंदिर और स्तंभ भी निर्मित किए गए।
14. गुप्तवंश के पतन के कारणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गुप्तवंश के पतन के प्रमुख कारण थे—
हूण आक्रमण
कमजोर उत्तराधिकारी
आर्थिक संकट
सामंतवाद का विकास
प्रशासनिक शिथिलता
इन कारणों से गुप्त साम्राज्य धीरे-धीरे समाप्त हो गया।
15. गुप्तों के उत्तराधिकारियों का संक्षिप्त वर्णन करते हुए हर्षवर्धन की उपलब्धियाँ बताइए।
उत्तर:
गुप्तों के पतन के बाद हूण, मौखरि और पुष्यभूति वंश उभरे। हर्षवर्धन पुष्यभूति वंश का महान शासक था। उसकी राजधानी कन्नौज थी। वह धार्मिक सहिष्णु था और बौद्ध धर्म का संरक्षक था। चीनी यात्री ह्वेनसांग उसके समय भारत आया।
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